चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

वाराणसी के एक चिकित्सक दंपति से 3 करोड़ की ठगी हो गई। साइबर जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ (IPO) में भारी मुनाफे का झांसा देकर उनके साथ फ्रॉड किया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने जालसाजों के खातों में मौजूद 87 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीड़ित कतर की राजधानी दोहा में रहते हैं। फिलहाल उनकी शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस एक्टिव है और जालसाजों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। साथ ही साथ सविलासं और साइबर एक्सपर्ट की सहायता ली जा रही है। फिलहाल पुलिस ने महिला चिकित्सक की पहचान नहीं उजागर की है।

फेसबुक मैसेंजर से शुरू हुआ जालसाजी का खेल साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया- भेलूपुर थाना क्षेत्र के विनायका निवासी महिला चिकित्सक, जिनके पति वर्तमान में दोहा (कतर) में रहते हैं। उन्होंने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि यह धोखाधड़ी 21 सितंबर को शुरू हुई।
जालसाजों ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से एक निवेश पेज का लिंक भेजा। इसके बाद पीड़िता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। जहां शेयर ट्रेडिंग, ट्रेडिंग टिप्स और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे।
फर्जी दस्तावेजों से जीता भरोसा
पीड़िता ने आगे बताया- व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन ‘अभिषेक दास’ ने निवेश के बहाने एक अन्य नंबर के जरिए एक कथित ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया। खुद को अपस्टॉक्स (Upstox) से संबंधित बताकर आरोपियों ने सेबी (SEBI) के फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज भेजकर पीड़िता का भरोसा जीत लिया। इसके बाद 21 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच नौ अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,89,18,520 रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा 19 अक्टूबर को एक्सिस बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये और भेजे गए, जिससे कुल ठगी की रकम करीब 3 करोड़ रुपये हो गई।
मुनाफा निकालने पर मांगी 30% कमीशन
पुलिस को पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि हमें ठगी का अहसास तब हुआ जब हमने प्लेटफॉर्म पर दिख रहे करीब 10 करोड़ रुपये के फर्जी मुनाफे को निकालने (विड्रॉ) का प्रयास किया। जालसाजों ने रकम निकासी रोकने के लिए 30 प्रतिशत कमीशन की मांग शुरू कर दी। जब कमीशन की राशि उसी मुनाफे से काटने को कहा गया, तो जालसाज टालमटोल करने लगे। परेशान होकर पीड़िता ने रविवार को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
साइबर पुलिस की कार्रवाई और बचाव की अपील
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह के अनुसार, बैंक खातों, लेनदेन के यूटीआर (UTR) नंबर, व्हाट्सएप चैट और फेसबुक मैसेंजर की गहन जांच की जा रही है। वहीं, अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) नृपेंद्र कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर मिलने वाले ‘गारंटीड रिटर्न’ या ‘फिक्स मुनाफे’ वाले विज्ञापनों और रील्स के चक्कर में न पड़ें। किसी भी अवैध डब्बा ट्रेडिंग में पैसा न लगाएं और हमेशा सेबी से रजिस्टर्ड ब्रोकर का ही इस्तेमाल करें।



