चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

किसी को पहली नौकरी की तलाश थी तो कोई सालों का अनुभव होने के बाद भी बेहतर अवसर खोज रहा था। कुछ लोग दूसरे शहरों में नौकरी कर रहे थे, लेकिन अब परिवार के पास रहकर काम करना चाहते हैं।
ऐसी ही उम्मीदों के साथ मंगलवार को जगतपुर इंटर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित रोजगार मेले में युवा ही नहीं, अनुभवी लोग भी अपना रिज्यूमे लेकर पहुंचे। मेले का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने किया। इसमें गुजरात, नोएडा और लखनऊ सहित अलग-अलग शहरों से करीब 40 कंपनियां शामिल हुईं।
बेहतर नौकरी की तलाश में पहुंचे अनुभवी लोग
रोजगार मेले में दो ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे, जो 1997 में बीएचयू से एमए कर चुके हैं। दोनों ने बताया कि वे अलग-अलग जगहों पर नौकरी कर चुके हैं, लेकिन मौजूदा नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं।
बेहतर अवसर की तलाश में वे दोबारा रोजगार मेले में रिज्यूमे लेकर पहुंचे हैं। उनका कहना था कि अनुभव होने के बावजूद अच्छी नौकरी की तलाश जारी है।
बीएचयू से पढ़े शिवमंगल बताते है कि बेटी नर्सिंग की है बेटा भी जॉब की तैयारी कर रहा है। मैं जॉब खोजने आया हूं इससे पहले ठेकेदारी का काम करते थे।
दिल्ली छोड़ अपने शहर में नौकरी करना चाहते हैं
मेले में एक महिला अपने चार साल के बच्चे के साथ पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति पहले दिल्ली में नौकरी करते थे। अब पारिवारिक परिस्थितियों और अपने शहर में रहकर काम करने की इच्छा के चलते वे वाराणसी में नौकरी तलाश रहे हैं। महिला ने बताया कि परिवार के साथ रहना उनके लिए जरूरी है, इसलिए पति यहां रोजगार के अवसर खोज रहे हैं।
फ्रेशर्स बोले- पहले अनुभव का टैग हटाना है
रोजगार मेले में पहली नौकरी की तलाश कर रहे फ्रेशर्स भी बड़ी संख्या में पहुंचे। उनका कहना था कि कंपनियां अक्सर अनुभव मांगती हैं, जबकि नए अभ्यर्थियों के पास अनुभव नहीं होता।
ऐसे में उनकी प्राथमिकता कोई भी शुरुआती नौकरी हासिल करना है, ताकि फ्रेशर का टैग हटे और आगे बेहतर अवसर मिल सकें। करीब 40 कंपनियों की मौजूदगी से अभ्यर्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी के विकल्प तलाशने का मौका मिला।



