चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर इलाके में 15 अक्टूबर को हुए एक भयानक पटाखा विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 38 वर्षीय महिला चांदनी बेगम ने आखिरकार दम तोड़ दिया। वह इस हादसे में करीब 85 फीसदी तक बुरी तरह झुलस चुकी थीं। पिछले कई दिनों से वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थीं। और कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय के बर्न वार्ड में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन परिजन उन्हें बिना बताए प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए थे। वहां तबियत बिगड़ी तो दोबारा कबीरचौरा लेकर आये पर तब तक देर हो चुकी थी।
गुरुवार की देर शाम को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंडलीय अस्पताल के मोर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
फिलहाल चांदनी के 12 वर्षीय मासूम बेटे अदीब खान का अभी भी इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। उसके दोनों हाथ टूट गए हैं और उसके सीरम चोट लगने से नाक से ब्लीडिंग होने लगी थी। बता दें की परिजन बिना सूचना के उन्हें प्राइवेट नर्सिंग होम में लेकर चले गए थे। लेकिन वहां आराम न मिलने पर वापस कबीरचौरा लेकर आये थे। जहां उनकी मौत हो गई।
घटना के दिन से लगी थी स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार नजर बनाए हुए थे। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर को जिस दिन यह हादसा हुआ था। उसी दिन से महिला को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों द्वारा उन्हें हर संभव बेहतर और उचित उपचार मुहैया कराया जा रहा था। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए दिन-रात प्रयासरत थी।
बिना बताए ले गए थे प्राइवेट नर्सिंग होम
सीएमओ ने बताया – महिला के परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में या किसी अन्य कारण से उन्हें डॉक्टरों को सूचित कर दो दिन पहले एक निजी अस्पताल लेकर चले गए। हालांकि, निजी अस्पताल में जाने के बाद भी चांदनी बेगम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी। जब परिजनों ने देखा कि निजी अस्पताल में उनकी स्थिति बेकाबू हो रही है और सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है, तो वे बेहद घबरा गए। आनन-फानन में परिजन गुरुवार की देर शाम को उन्हें दोबारा मंडलीय अस्पताल लेकर आए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मंडलीय अस्पताल लाते ही वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चांदनी बेगम को मृत घोषित कर दिया।
15 अक्टूबर की शाम 5 बजे हुआ था धमाका वाराणसी के सारनाथ थानाक्षेत्र के पैगंबरपुर इलाके में राजू खान के तीन मंजिला मकान में 15 अक्टूबर की शाम अचानक बड़ा धमाका हुआ। इस धमाके में उसका मकान जमीदोज हो गया था। मकान गिरने के बाद राजू खान, उसकी मां और बड़ा बेटा आदिल मौके से फरार हो गए थे। जबकि अदीब और उसकी मां चांदनी और बेटी अरबिया मंडलीय चिकित्सालय पहुंचे थे। जिसमें चांदनी 85 प्रतिशत झुलस गयी थी। वहीं अदीब के हाथ और सिर में चोट थी। वहीं अरबिया को कहीं चोट नहीं आयी थी। पुलिस ने राजू खान को उसी दिन मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।




