चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
यूपी हेड – अजय लखमानी

वाराणसी में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे से तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश के बाद औसानगंज से आदमपुर थाना मार्ग पर पानी भर गया। सड़क पर जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश रुकने के करीब चार घंटे बाद तक पानी साफ होने की उम्मीद है। लोगों ने कहा कि नगर निगम को नियमित टैक्स देसे के बावजूद जल निकासी की समस्या से उन्हें हर बार जूझना पड़ता है।
बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी। मौसम विभाग ने गुरुवार को वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार वाराणसी में अभी एक-दो दिन और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
औसानगंज-आदमपुर मार्ग पर जलभराव से परेशानी
दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश के बाद औसानगंज-आदमपुर थाना मार्ग पर पानी जमा हो गया। सड़क से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के बाद इस मार्ग पर जलभराव की समस्या आम है।
लोगों का कहना है कि नगर निगम को टैक्स देने के बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि बारिश के बाद पानी निकालने में कई घंटे लग जाते हैं, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं।
IMD ने जारी किया है ऑरेंज अलर्ट
बुधवार को वाराणसी में येलो अलर्ट के बाद गुरुवार 10 सितंबर को मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक के साथ कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक अभी एक-दो दिन और बारिश हो सकती है।
सुबह 8 बजे वाराणसी का तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया। हवा में नमी 84 प्रतिशत रही। आसमान में
बादल छाए रहे और उमस से लोग परेशान रहे। दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचने की अनुमान है
चार दिन घटने के बाद फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर भी एक बार फिर बढ़ने लगा है। चार दिन तक जलस्तर में कमी आने के बाद बुधवार शाम से इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 69.28 मीटर था। जलस्तर करीब दो घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। अभी 16 गांव और 24 मोहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। इससे कुल 877 परिवार प्रभावित बताए गए हैं।
बारिश और बढ़ते जलस्तर से प्रशासन की चुनौती बढ़ी
एक ओर शहर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है।



