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वाराणसी में भारतेन्दु जयंती पर हिन्दी नवजागरण संगोष्ठीः राष्ट्रीय चेतना और साहित्यिक योगदान पर चर्चा, वक्ताओं ने विचार साझा किए

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित गुप्ता

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वाराणसी के जगतपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में 9 सितम्बर 2026 को भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की जयंती के उपलक्ष्य में ‘भारतेन्दु : हिन्दी नवजागरण और राष्ट्रीय चेतना’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल प्रताप_सिंह द्वारा मां सरस्वती एवं भारुतेन्दु हरिश्चन्द्र की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. विनय प्रकाश शर्मा ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए भारतेन्दु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व तथा हिन्दी नवजागरण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. नंदलाल शर्मा, डॉ. सारिका सिंह एवं डॉ. रत्नाकर दुबे ने अपने वक्तव्यों में भारतेन्दु की पत्रकारिता, साहित्यिक दृष्टि, सामाजिक सरोकारों तथा राष्ट्रीय चेतना के विविध पक्षों पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने हिन्दी भाषा और साहित्य को आधुनिक दिशा देने के साथ-साथ जनमानस में सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. अनिल प्रताप सिंह ने भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतेन्दु ने हिन्दी साहित्य को आधुनिक चेतना प्रदान करने के साथ ही समाज में राष्ट्रीय जागरण की भावना को सशक्त किया।

उनके साहित्य में तत्कालीन भारतीय समाज की समस्याओं, देशप्रेम और स्वाधीनता की चेतना का प्रभावी स्वर दिखाई देता है। कार्यक्रम का स्वागत एवं संचालन डॉ. संजय कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सारिका सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के साहित्य और उनके द्वारा प्रवर्तित हिन्दी नवजागरण की चेतना को वर्तमान सामाजिक एवं राष्ट्रीय संदर्भों से जोड़ने का सार्थक अवसर प्रदान किया।

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