चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

वाराणसी के चिरईगांव में गंगा और गंगासोता नदियों का पानी चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार कर गया है। गुरुवार को तटवर्ती गांवों से लोगों का पलायन तेज हो गया। रामपुर के प्राथमिक विद्यालय में बनी बाढ़ राहत चौकी पर चार परिवारों के 25 सदस्य शरण लेने पहुंचे हैं।
बाढ़ चौकी पर पहुंचे परिवारों में गंगा प्रसाद के परिवार से जीवन देवी, सुनीता, अनीता, सबिता, संदीप, अंशु शामिल हैं। पुल्लू के परिवार से सोनी, शिवम, शालिनी; लालजी के परिवार से बिंदु, राजू, पूजा, आभा, अभिषेक, पुष्पा और बुल्लू के परिवार से सीता, पुष्पलता, पुष्पकन्या, पुष्परानी, पुष्पराज और नीब्बू भी यहां पहुंचे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। वे अपना भोजन खुद बनाकर खा रहे हैं।
तटवर्ती गांवों के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। खरीफ की फसलें पहले ही बाढ़ से बर्बाद हो चुकी हैं। बार-बार आ रही बाढ़ के कारण रबी की बुआई पर भी असर पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने पशुचारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
बाढ़ राहत चौकी प्रभारी और लेखपाल विनोद कुमार ने बताया कि अभी और लोग आ रहे हैं। शाम तक कितने लोग आते हैं, यह देखकर पका हुआ भोजन या सूखा राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
दूसरी ओर, पीएचसी प्रभारी चिरईगांव डॉ. मनोज वर्मा ने अपनी टीम के साथ बाढ़ राहत चौकियों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से सभी बाढ़ चौकियों पर डॉक्टर नियमित रूप से तैनात रहेंगे। चौकियों पर सफाई के लिए सफाईकर्मी भी मौजूद रहेंगे।




