चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – चन्दन रंजीत यादव

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बुनियादी सुविधाओं के आधुनिकीकरण और सौंदर्याकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय और डालमिया समूह के बीच पांच वर्षों के लिए समझौता (एमओयू) हुआ है। इसके तहत छात्रावास, सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) परिसर और सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में मरम्मत, सौंदर्याकरण और नई सुविधाओं का विकास कराया जाएगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और कुणाल डालमिया ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कुलपति ने विश्वविद्यालय के विकास में डालमिया समूह के योगदान की सराहना की। वहीं, कुणाल डालमिया ने इसे परिवार की विरासत बताते हुए भविष्य में भी सहयोग जारी रखने की बात कही।
पहले चरण में होगा डालमिया छात्रावास का कायाकल्प समझौते के तहत सबसे पहले सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास का नवीनीकरण किया जाएगा। छात्रावास की संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत व्यवस्था और शौचालयों का सुधार कार्य कराया जाएगा। साथ ही रंग-रोगन और पौधारोपण कर परिसर को आकर्षक बनाया जाएगा।
छात्रों के लिए बैडमिंटन, पिकलबॉल और बास्केटबॉल की सुविधाओं वाला बहुउद्देशीय खेल मैदान भी तैयार किया जाएगा। परिसर में स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास (एलएन) डालमिया की प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।
CHS परिसर में विकसित होगा ‘साबो उद्यान’
दूसरे चरण में कमच्छा स्थित सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) के पूर्वी हिस्से का विकास किया जाएगा। यहां सीमा रेलिंग, पौधारोपण, फव्वारे और जल निकाय विकसित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को मौसम के अनुसार गर्म और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था होगी।
परिसर में बहुउद्देशीय खेल मैदान बनाया जाएगा और विकसित क्षेत्र को ‘साबो उद्यान’ नाम दिया जाएगा। डालमिया परिवार की ओर से हर वर्ष आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिता ‘साबो कप’ के लिए ट्रॉफी और पुरस्कार राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
तीसरे चरण में विज्ञान भवन का होगा नवीनीकरण पहले दो चरणों के सफल क्रियान्वयन के बाद सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में मरम्मत और विकास कार्य शुरू होंगे। भवन की संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत व्यवस्था, शौचालयों के सुधार और रंग-रोगन का कार्य कराया जाएगा।
इसके अलावा परिसर में स्वर्गीय सावित्री देवी डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और विश्वविद्यालय के लिए उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।
1973 से BHU से जुड़ा है डालमिया परिवार
BHU और डालमिया परिवार का संबंध दशकों पुराना है। वर्ष 1973 में स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास डालमिया ने सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास विश्वविद्यालय को दान किया था। इसके बाद वर्ष 2004 में सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन के निर्माण में भी परिवार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। अब नए समझौते के जरिए विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में पहल की गई है।



