चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक रिपोर्टर – धनेश बदलानी

वाराणसी के चोलापुर थाना परिसर में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई में लेखपालों की हड़ताल का सीधा असर दिखाई दिया। जमीन विवाद, अवैध कब्जे और पैमाइश जैसी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीणों को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण बिना समाधान लौटना पड़ा। मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन राजस्व टीम और लेखपाल नहीं होने से भूमि संबंधी मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। फरियादियों ने उच्च अधिकारियों से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल्द शिकायतों का निस्तारण कराने की मांग की है।
थाने में जनसुनवाई, लेकिन राजस्व टीम गायब
शनिवार को चोलापुर थाना परिसर में जनसुनवाई आयोजित की गई। ग्रामीण जमीन से जुड़े विवाद, अवैध कब्जे और पैमाइश की शिकायतें लेकर पहुंचे थे। हालांकि, मौके पर राजस्व विभाग का कोई लेखपाल मौजूद नहीं था। ऐसे में शिकायतों की जांच और मौके पर पैमाइश जैसी जरूरी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
लेखपालों के कार्य बहिष्कार का असर
बताया गया कि लेखपाल संघ की ओर से राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। चोलापुर क्षेत्र के ग्राम सभा हाजीपुर के एक लेखपाल के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा एक लेखपाल की गिरफ्तारी के विरोध में लेखपालों ने काम बंद किया है। इसका असर शनिवार की जनसुनवाई में भी देखने को मिला।
जमीन विवाद लेकर पहुंचे ग्रामीण मायूस
जनसुनवाई में कई ग्रामीण अपनी जमीन से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे थे। किसी को पैमाइश करानी थी तो कोई अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचा था। राजस्व कर्मियों की अनुपस्थिति में इन मामलों की मौके पर जांच नहीं हो सकी। ग्रामीणों को फिलहाल शिकायत दर्ज कराने के बाद वापस लौटना पड़ा।
पुलिस मौजूद, फिर भी नहीं हो सकी कार्रवाई
थाना परिसर में पुलिस बल मौजूद था और पुलिस से संबंधित मामलों को सुना जा रहा था। लेकिन भूमि विवादों में राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण पुलिस अकेले मौके पर कार्रवाई नहीं कर सकी। लेखपाल की मौजूदगी नहीं होने से जमीन की पैमाइश और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी जांच के मामले अटक गए।
हड़ताल से बढ़ी फरियादियों की परेशानी
लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण ग्रामीणों की समस्याओं के तत्काल समाधान का रास्ता बंद हो गया है। फरियादियों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में पहले से ही लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब जनसुनवाई में भी राजस्व कर्मियों के नहीं आने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
राजस्व कर्मियों की अनुपस्थिति से नाराज फरियादियों ने उच्च अधिकारियों से मामले में जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि लेखपालों की हड़ताल जारी रहती है तो प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि जमीन विवाद, पैमाइश और अवैध कब्जे जैसी शिकायतें लंबित न रहें। लोगों ने शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की है।



