चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

वाराणसी में गंगा, वरुणा और सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र झा ने वरुणा किनारे क्षेत्रों का जायजा लिया।
कई विभागों के अफसरों के साथ केशव घाट से आगे सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न संभावित बाढ़ प्रभावित एवं नदी तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय एवं जलमार्गीय निरीक्षण किया।
संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक, पुलिस, राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
गुरुवार को डीएम सत्येंद्र कुमार और सीपी मोहित अग्रवाल ने अफसरों की टीम को गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चक्रमण किया। स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर एवं बाढ़ की स्थिति पर सतत निगरानी के निर्देश दिए।
नमो घाट से निरीक्षण प्रारम्भ करते हुए गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा गंगा एवं वरुणा नदी के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़ते हुए सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न संभावित क्षेत्रों में पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान नदी के वर्तमान जलस्तर, जल प्रवाह, तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति, निचले एवं आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं तथा ऐसे संवेदनशील स्थलों का विशेष रूप से जायजा लिया गया, जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में जनसामान्य के प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।
अधिकारियों द्वारा क्षेत्रवार स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
हर घंटे जलस्तर की करें निगरानी
डीएम ने गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर की नियमित समीक्षा करते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सक्रिय एवं क्रियाशील स्थिति में रखी जाएं। ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलम्ब के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस एवं जल पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी एवं तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल एवं जल पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं सुरक्षित निकासी की कार्रवाई की जा सके। नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किए जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में पूर्व तैयारी, सतत निगरानी, समयबद्ध सूचना, विभागीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला है। सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण सजग रहते हुए किसी भी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट, जल पुलिस के अधिकारी तथा पुलिस एवं प्रशासन के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




