चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक रिपोर्टर – धनेश बदलानी

वाराणसी के कबीरचौरा अस्पताल में 100 बेड के MCH विंग में डॉक्टर्स और कर्मचारियों पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया है। परिजनों के अनुसार पहले डॉक्टर्स ने बताया की लड़का हुआ है और कागज में भी लड़का लिखा लेकिन अब कह रहे लड़की हुई है। न लड़का ना लड़की अभी कुछ हमें दिया भी नहीं गया है। फिलहाल इस संबंध में अभी तक अस्पताल प्रशासन ने कोई बयान नहीं जारी किया है। इस अस्पताल का संचालन हेरिटेज मेडिकल कालेज पीपी मॉडल पर कर रहा है।
18 तारीख को हुई थी डिलेवरी
प्रहलाद घाट के रहने वाले आकाश साहनी ने बताया मेरे मामा के लड़के सूरज सहानी जो प्रयागराज के रहने वाले हैं और वाराणसी में ही रहते हैं। 17 अगस्त को उनकी पत्नी सोनी जो गर्भवती थीं उन्हें डिलेवरी के लिए कबीरचौरा अस्पताल के MCH विंग में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें उसी दिन बच्चा हुआ। बच्चा हमें दिया नहीं गया और दूर से दिखाया गया। बताया गया की बच्चे की तबियत खराब है और वह NICU में है। जब मेरे मां के लड़के गए देखने तो उन्होंने पूछा की क्या हुआ है तो बताया की लड़का हुआ है।
मेरे साथ किया मिसबिहेव

आकाश ने बताया – शाम में जब मै पहुंचा और NICU में अंदर जाने को बोला और बच्चा दिखाने को कहा तो मुझे मना कर दिया और मेरे साथ मिसबिहेव किया। मैंने जब कहा की मुझे बच्चा देखने दीजिये तो बोलीं हमारा नियम नहीं है आप अंदर नहीं जा सकते हैं। मैंने पूछा की क्या हुआ है ये तो बताइये तो बोले की लड़का हुआ है।
आरोप – डॉक्यूमेंट में बदला गया नाम
आकाश ने बताया – बीती रात मेरे मामा के लड़के ने बताया की वो लोग कह रहे हैं की लड़का नहीं लड़की हुई है। इसपर मै आज अस्पताल पहुंचा तो यहां सभी रो रहे थे। आकाश ने आरोप लगाया कि पूरे डॉक्यूमेंट जो यहां थे जिसपर मेल लिखा था उसे भी चेंज कर दिया गया है कलम से। हम इंसाफ चाहते हैं और हमें हमारा लड़का चाहिये।
बुलाई पुलिस, पिता बोले- इंसाफ चाहिए
इन सब चीजों से परेशान पिता सूरज ने डॉयल 112 को बुलाया था। लेकिन अभी तक हमें बच्चा नहीं दिया गया है। हम लड़का-लड़की में फर्क नहीं समझते हैं। लेकिन जो हमारा बच्चा था वो हमें दिया जाए। बस हम कुछ नहीं जानते लेकिन जो हो रहा इस अस्पताल में वो गलत हो रहा है।
आज तक नहीं मिला बच्चा
राजू की रिश्तेदार अनिता ने बताया – बच्चे को हम लोगों को नहीं दिखाया गया। कहा गया की उसकी तबियत नहीं ठीक है। हमें नहीं दिखाया गया। शाम में जब सबका बच्चा मिला पर हमें नहीं दिया गया। हमने उस वक़्त कहा तो बोलीं की एनआईसीयू में एडमिट है। लेकिन आज तक नहीं दिखाया है। डॉक्टर ने बताया था की लड़का हुआ है। न लड़का मिला हमें न लड़की मिली है। पहले डॉक्टर बोला की लड़का हुआ लेकिन अब कह रहा है लड़की हुई है।




