चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रीक ब्यूरो – राकेश वलेचा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के सिर और चेहरे पर कई गहरे घाव हो गए। काफी खून बहने के बाद बच्चे को गंभीर हालत में BHU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, बच्चे के सिर पर करीब 50 टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है और प्री-ऑपरेटिव प्रक्रिया भी की जा रही है।
घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने BHU प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने तथा हमले में शामिल कुत्ते को पशु चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में लेकर आवश्यक परीक्षण और ऑब्जर्वेशन कराने का अनुरोध किया है।
मॉर्निंग वॉक पर निकला था परिवार
बच्चे के पिता ने बताया कि वह रोजाना की तरह गुरुवार सुबह अपने दोनों बेटों के साथ BHU परिसर में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। उनका बड़ा बेटा उनसे करीब 200 मीटर आगे चल रहा था, जबकि छोटा बेटा उनके साथ था। कुछ दूरी आगे निकलने के बाद उन्होंने छोटे बेटे से कहा कि घर ज्यादा दूर नहीं है और वह घर चला जाए, जबकि वह बड़े बेटे को लेने के लिए आगे जाएंगे।
पिता के मुताबिक, घर से करीब 400 से 500 मीटर की दूरी पर छोटा बेटा जैसे ही घर की ओर मुड़ा, इसी दौरान उस पर कुत्ते ने हमला कर दिया। पिता ने बताया कि उन्होंने खुद हमले को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा। वह बड़े बेटे के पीछे-पीछे घर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि छोटे बेटे पर कुत्ते ने हमला किया है और वह घायल हो गया है। परिजनों के अनुसार, हमले के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने घायल बच्चे को BHU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जानकारी मिलने के बाद बच्चे के पिता तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां उन्हें संजय राय नामक व्यक्ति मिले, जिन्होंने घटना के दौरान बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी।
खून से लथपथ पड़ा था बच्चा, राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के प्रत्यक्षदर्शी और बच्चे को अस्पताल पहुंचाने वाले संजय राय ने बताया कि वह सुबह दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक बच्चे को घायल अवस्था में पड़ा देखा। बच्चे के शरीर से खून बह रहा था। स्थिति गंभीर देखकर उन्होंने अपने साथी के साथ बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
संजय राय के अनुसार, उनके साथ मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति इमरजेंसी स्टाफ से जुड़ा था। उसकी स्कूटी से बच्चे को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने घायल बच्चे को संभाला और तत्काल BHU ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति देखकर इलाज शुरू किया।
संजय राय ने बताया कि उस समय बच्चे को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना ही प्राथमिकता थी। अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया गया और चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया।
पिता ने कहा- सिर पर गहरी चोट, करीब 50 टांके
बच्चे के परिजनों का कहना है कि कुत्ते के हमले में बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सिर पर गहरे घाव हैं और काफी खून बह गया था। परिजनों के अनुसार, बच्चे के सिर पर करीब 50 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
परिजनों के मुताबिक, बच्चे को आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के लिए प्री-ऑपरेटिव में रखा गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद हैं और बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
हिंदी विभाग की महिला पर परिजनों ने लगाया आरोप
परिजनों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के समय हिंदी विभाग से जुड़ी सरधा सिंह अपने पालतू कुत्ते के साथ वहां मौजूद थीं। आरोप है कि कुत्ता बिना पट्टे के था और अचानक बच्चे पर हमला कर दिया। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में कुत्ता किस स्थिति में था और उसके पास पट्टा था या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि हमले के बाद संबंधित व्यक्ति ने घायल बच्चे की मदद नहीं की और उसे मौके पर छोड़कर चला गया। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, प्रत्यक्षदर्शी संजय राय का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने बच्चे को घायल अवस्था में देखने और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की बात कही है।
CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने BHU के कुलपति को लिखित शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
परिजनों ने CCTV फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की मांग की है कि बच्चा किस रास्ते से जा रहा था, कुत्ता कहां से आया, हमला किस परिस्थिति में हुआ और घटना के बाद वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों की पहचान कर उनके बयान दर्ज कराने का भी अनुरोध किया गया है।




