चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

पीठाधीश्वर स्वामी नारायणानंद तीर्थ महाराज को फोन पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उन्हें धर्म प्रचार बंद करने की चेतावनी दी और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान और फोन की लोकेशन का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
अब जानिए क्या रहा पूरा मामला
शिकायतकर्ता आनंद स्वरूप ब्रह्मचारी के अनुसार, एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए शंकराचार्य को धर्म प्रचार बंद करने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि, “तू बहुत बड़ा धर्म प्रचारक बन रहा है, धर्म प्रचार बंद कर दे, वरना जहां मिलोगे वहीं जान से मार देंगे।”
शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले ने बातचीत के दौरान शंकराचार्य को सीधे तौर पर धमकाया। धमकी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी गई और शुक्रवार को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
9 जून को भी आया था संदिग्ध फोन
शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि इससे पहले 9 जून को भी इसी नंबर से एक संदिग्ध फोन आया था। उस समय फोन करने वाले व्यक्ति ने शंकराचार्य के बारे में जानकारी पूछी थी। उस कॉल के बाद बृहस्पतिवार को दोबारा उसी नंबर से धमकी भरा फोन आने से मामला संदिग्ध माना जा रहा है।
पुलिस अब दोनों कॉल के बीच संबंध की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फोन किस व्यक्ति ने किया, उसका उद्देश्य क्या था और क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह का हाथ है।
पुलिस ने शुरू की जांच
लंका इंस्पेक्टर राजकुमार ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आरोपी की पहचान तथा फोन की लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस तकनीकी माध्यमों से फोन नंबर की जांच कर रही है। कॉल डिटेल और उपलब्ध अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति शंकराचार्य से पहले से परिचित था या उसने किसी अन्य कारण से यह फोन किया।



