चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – चन्दन रंजीत यादव

वाराणसी में काशी विश्वनाथ से त्रिलोचन महादेव मार्ग पर हरहुआ, काजीसराय और व्यासबाग जैसे बाजारों में सड़क की पटरियों पर बने अवैध रैंप कांवरियों के लिए खतरा बन गए हैं। दुकानदारों ने नालियों पर कब्जा कर अपनी दुकानों तक पहुंचने के लिए पक्के और मिट्टी-गिट्टी के रैंप बना लिए हैं। इसके चलते पैदल चलने वाले कांवरियों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया है।
सावन माह में बड़ी संख्या में कांवरिए काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगाजल लेकर त्रिलोचन महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए इसी मार्ग से पैदल गुजरते हैं। वाराणसी से त्रिलोचन महादेव तक जाने वाले इस मार्ग पर पूरे सावन कांवरियों का भारी आवागमन रहता है, खासकर शनिवार और रविवार को हजारों की संख्या में कांवरिए यहां से गुजरते हैं।
सड़क की पटरियां पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए होती हैं। हालांकि, हरहुआ और काजीसराय सहित अन्य बाजारों में जगह-जगह पटरियों पर बने इन रैंपों के कारण कांवरियों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हरहुआ बाजार में पटरी पर बने रैंप के कारण बीते दिनों गिट्टी लदा एक डंपर एक दुकान से टकरा गया था। गनीमत रही कि डंपर में गिट्टी होने के कारण वह रुक गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। कांवरियों की भीड़ के बीच इन रैंपों से खतरा और बढ़ जाता है।
इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पी डी) अरुण कुमार ने बताया कि सड़क की पटरी पर बने रैंप हटाए जाते हैं, लेकिन दुकानदार उन्हें बार-बार बना लेते हैं। उन्होंने जल्द ही इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि गुरुवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने रखौना से रिंग रोड फेज-2 हरहुआ तक निरीक्षण किया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को वाराणसी-त्रिलोचन महादेव मार्ग पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते पटरियों पर बने रैंप हटाकर कांवरियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया, तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।




