चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो : पंकज भाटिया

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 17 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को दंडित किया गया है।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम) अवधेश कुमार की अदालत ने बेनीपुर (मिर्जामुराद) निवासी राजकुमार पटेल को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार रावत और वादी के अधिवक्ता सर्वेन्द्र कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार, राजकुमार के ससुर ने अदालत के आदेश पर मिर्जामुराद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि उसकी बेटी राजकुमारी को पति राजकुमार दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। फरवरी 2008 में राजकुमारी की मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने राजकुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
जानलेवा हमले के आरोपी को जमानत
वहीं, एक दूसरे केस में पुरानी रंजिश के चलते शादी समारोह में शामिल होने आए युवक को गोली मारने के मामले में आरोपी को जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम चतुर्थ) रवींद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बलुआ (चंदौली) निवासी आकाश यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, विकास यादव और संदीप यादव ने पक्ष रखा। यह मामला सारनाथ थाने में दर्ज था।



