चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

वाराणसी के कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला अस्पताल का गुरुवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य राजेश कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग वार्ड और विंग का जायजा लेने के साथ भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। मरीजों से दवा, भोजन और इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसआईसी डॉ. मनीषा सिंह सेंगर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और रिपोर्ट से उन्हें अवगत कराया।
बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत पर अपर निदेशक ने कहा- यदि इसकी शिकायत या कोई प्रमाण मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट और ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया। राजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल की मॉड्यूलर ओटी की व्यवस्था अच्छी है और ऐसी सुविधा प्रयागराज के अस्पतालों में भी नहीं है। इसे देखकर प्रयागराज में भी लागू कराने का प्रयास किया जाएगा।
मरीजों से लिया फीडबैक
अपर निदेशक स्वास्थ्य दोपहर बाद टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान भर्ती मरीजों से पूछा कि उन्हें दवाएं और खाना समय पर मिल रहा है या नहीं। मरीजों और उनके परिजनों से इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली।
एसआईसी डॉ. मनीषा सिंह सेंगर ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं और सामने आने वाली समस्याओं के बारे में अपर निदेशक को जानकारी दी।
ऑक्सीजन प्लांट का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक स्वास्थ्य ने अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट को देखा। उन्होंने प्लांट के प्रेशर की भी जांच की। इसके बाद एसआईसी के साथ बैठक कर अस्पताल में आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी दूसरी जरूरतों पर चर्चा की।
राजेश कुमार बोले- यहां की मॉड्यूलर ओटी प्रयागराज में भी नहीं
निरीक्षण के बाद राजेश कुमार ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली हैं। सबसे खास मॉड्यूलर ओटी है। उन्होंने कहा कि ऐसी ओटी प्रयागराज के किसी अस्पताल में भी नहीं है। यहां की व्यवस्था को समझकर प्रयागराज में भी इसे लागू कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
मिसबिहेव की शिकायत पर बोले- इक्का-दुक्का हर जगह आती है
नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों के मरीजों के साथ कथित मिसबिहेव के सवाल पर अपर निदेशक ने कहा कि शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उन्होंने वार्ड, NICU समेत अलग-अलग जगह मरीजों और उनके परिजनों से बात की। इस दौरान किसी ने ऐसी शिकायत नहीं की।
उन्होंने कहा कि मिसबिहेव की शिकायतें इक्का-दुक्का हर जगह आती हैं। अगर कोई ठोस शिकायत सामने आती है तो उसे देखा जाएगा।
बाहर से दवा लिखने की शिकायत पर मांगा प्रमाण
अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्ची लिखे जाने के आरोप पर राजेश कुमार ने कहा कि इसका प्रमाण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में संचालित आयुष्मान मेडिकल स्टोर से भी जानकारी ली गई है।
अपर निदेशक के मुताबिक स्टोर संचालक ने बताया कि रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि 50 से 100 मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर बाहर से दवा लिखे जाने का कोई प्रमाण या शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।



