HomeUncategorizedकाशी के धर्मसंघ में मनेगा 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव: 43,435 दीपों से जगमग...

काशी के धर्मसंघ में मनेगा 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव: 43,435 दीपों से जगमग होगा मंदिर प्रांगण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर होगा कुलपति सम्मेलन

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रीक ब्यूरो – राकेश वलेचा

धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोभूमि श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल, दुर्गाकुंड में 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव का भव्य आयोजन 11 से 17 अगस्त तक किया जाएगा। सात दिवसीय इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव में देशभर से श्रद्धालुओं के साथ संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल होंगे।

महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्र और सनातन परंपरा से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

गणपति लाक्षार्चन से होगा महोत्सव का शुभारंभ

सात दिवसीय समारोह की शुरुआत 11 अगस्त को गणपति लाक्षार्चन से होगी। सुबह सात बजे से मंदिर परिसर में विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर एक लाख किसमिस यानी द्राक्षा फल से गणपति की विशेष आराधना की जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है।

121 दंपतियां करेंगी सामूहिक रुद्राभिषेक

12 अगस्त को मंदिर परिसर में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन होगा। सुबह नौ बजे 121 दंपतियां एक साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी। आयोजन के माध्यम से सनातन धार्मिक परंपराओं और वैदिक अनुष्ठानों के संरक्षण एवं प्रसार का संदेश दिया जाएगा।

43,435 दीपों से जगमगाएगी करपात्र दीपावली

प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या 13 अगस्त को गोधूलि बेला में विशेष आकर्षण का केंद्र करपात्र दीपावली होगी। इस अवसर पर स्वामी करपात्री जी महाराज के प्रकट होने के वर्ष के अनुरूप 43,435 दीपक एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे। हजारों दीपों से धर्मसंघ परिसर जगमगा उठेगा और श्रद्धालु इस विशेष आध्यात्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे।

14 अगस्त को मुख्य प्राकट्य समारोह

14 अगस्त को स्वामी करपात्री जी महाराज का मुख्य प्राकट्य समारोह आयोजित किया जाएगा। शाम चार बजे होने वाले समारोह में धर्म, अध्यात्म और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो विद्वानों को सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर आचार्य पं. गायत्री प्रसाद पाण्डेय को ‘करपात्र रत्न’ तथा आचार्य डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र को ‘करपात्र गौरव सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। समारोह में संतों, विद्वानों, श्रद्धालुओं और शिक्षाविदों की मौजूदगी रहेगी।

बटुक मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धर्मसंघ परिसर में बटुकों द्वारा विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर होगा कुलपति सम्मेलन

महोत्सव के दौरान शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर भी विमर्श होगा। 16 अगस्त को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वामी करपात्री जी के शिक्षण दर्शन’ विषय पर कुलपति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षाविद भाग लेंगे।

सम्मेलन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा स्वामी करपात्री जी महाराज के शिक्षा संबंधी विचारों के बीच सामंजस्य और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की जाएगी। आयोजन के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

गौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा से होगा समापन

धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पाण्डेय ने बताया कि सात दिवसीय महोत्सव का समापन 17 अगस्त को भव्य गौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा के साथ होगा। धर्मसंघ से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें श्रद्धालु और धर्मानुरागी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक किया जाएगा।

धार्मिक अनुष्ठान, दीपोत्सव, विद्वत् सम्मान, शिक्षा पर विमर्श और शोभायात्रा जैसे आयोजनों के माध्यम से सात दिनों तक धर्मसंघ परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular