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डॉ.काकोली घोष बोलीं-विदेशी ताकतों से मिली हुई हैं ममता बनर्जी: कहा- भारतीय संस्कृति को कमजोर करने की हो रही कोशिश

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – चन्दन रंजीत यादव

भारतीय संस्कृति पर विदेशी ताकतों के कथित हमलों को लेकर सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर विदेशी ताकतों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। इसके लिए अंदर के लोगों और राजनीतिक दलों का सहारा लिया जा रहा है।

डॉ. घोष दस्तीदार ने कहा कि बच्चों और युवाओं को गलत दिशा में ले जाकर भारतीय संस्कृति और देश के भविष्य को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में संतों और समाज को आगे आकर नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम की शिक्षा देनी होगी।

संस्कृति ही भारत को एक सूत्र में बांधती है

डॉ. घोष ने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपराएं और संतों का मार्गदर्शन देश की एकता और अखंडता की नींव हैं। पूर्वजों से मिले संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का मस्तक कभी झुकने नहीं देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह एक धागा मोतियों को जोड़कर रखता है, उसी तरह भारतीय संस्कृति दक्षिण से उत्तर और पूर्व से पश्चिम तक देशवासियों को एक सूत्र में बांधती है। देवी-देवताओं, संतों के चिंतन और पूर्वजों की परंपराओं ने भारत को एकजुट रखा है।

ममता की वापसी मुश्किल, घुसपैठ पर भी साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर डॉ. घोष ने कहा कि राज्य में पहले भी घुसपैठ की समस्या रही है, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे जनता में नाराजगी बढ़ी। उन्होंने कहा कि जनता सब देखती है और चुनाव में गलत कामों का जवाब देती है।

ममता बनर्जी की राजनीतिक वापसी की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विकास को जिस तरह नुकसान पहुंचा है, उससे उनकी वापसी मुश्किल लगती है। उन्होंने विदेशी शक्तियों के साथ हाथ मिलाने के कथित प्रयासों को देशहित के खिलाफ बताया।

डॉ. घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नागरिकों से भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए जिम्मेदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने मई 2026 में टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।

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