चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

वाराणसी के राजातालाब स्थित अकेलवां के ज्ञान दायनी महिला महाविद्यालय में सोमवार को छात्राओं की भूमिका पर संवाद कार्यक्रम हुआ। राष्ट्रीय महिला उत्थान समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘शिक्षा जीवन के लिए, जीवन वतन के लिए’ रही। शुरुआत सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण से हुई।
मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता के बिना नए भारत का निर्माण संभव नहीं है। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा की जो अलख जगाई, उसी के चलते आज बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से शिक्षित और जागरूक बनने के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करने का आह्वान किया।

सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करें छात्राएं
विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और वाराणसी के पूर्व महापौर कौशलेन्द्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। उन्होंने छात्राओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने और राष्ट्रवादी विचारों के साथ आगे बढ़ने को कहा।
मुख्य वक्ता और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आयुषी श्रीमाली ने कहा कि नए भारत में छात्राओं की भूमिका केवल सहभागी की नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता की है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ अपने अधिकारों, इतिहास और संस्कृति की जानकारी रखने को कहा। आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत भी बताई।

शिक्षा से महिलाओं को स्वावलंबी बनाना उद्देश्य
आयोजक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रांत के पूर्व प्रांत प्रमुख विनय पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय महिला उत्थान समिति का उद्देश्य शिक्षा के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है। कार्यक्रम का लक्ष्य छात्राओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना और उन्हें राष्ट्र प्रथम की भावना से जोड़ना है।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन भाजपा युवा मोर्चा वाराणसी के महानगर मंत्री श्रीपति मिश्रा एडवोकेट के साथ किया गया। संचालन विनय पांडेय ने किया, जबकि ममता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस दौरान महाविद्यालय की छात्राएं, शिक्षिकाएं और समिति के कार्यकर्ता मौजूद रहे।



