चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भाटिया

वाराणसी में जून 2024 में हुई रिक्शा चालक की हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही मानते हुए दो नामजद सहित पांच पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
शिवपुर थाना क्षेत्र के इन्दपुर में जून 2024 में हुई ई-रिक्शा चालक अरविंद कुमार पटेल (33) की हत्या के मामले में अदालत ने यह आदेश दिया है। कार्रवाई घटना के करीब ढाई साल बाद की है। जिसमें हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराएं लगाई गई हैं।
रास्ते से जबरन ले जाने का आरोप
अरविंद पटेल के पिता इन्दपुर निवासी कुंवर प्रसाद पटेल के अनुसार- उनका बेटा अरविंद ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। 16 जून 2024 की सुबह करीब 8:30 बजे वह ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था।
आरोप है कि रास्ते में दीपक कुमार उपाध्याय और राजू पटेल ने तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी उसे जबरन काशीराम आवास की ओर ले गए। कुछ स्थानीय राहगीरों ने भी अरविंद को आरोपियों के साथ जाते हुए देखा था।
‘कफन की व्यवस्था कर लीजिए’ कह कर दी धमकी पिता का आरोप है कि अपहरण के बाद उसी दिन अरविंद की हत्या कर दी गई और शव को इन्दपुर खोरी स्थित मां गायत्री स्कूल के सामने दक्षिण तरफ एक खेत में फेंक दिया गया। दोपहर करीब दो बजे नामजद आरोपी दीपक कुमार उपाध्याय और एक अन्य उनके घर पहुंचा।
धमकी भरे लहजे में कहा कि अपने बेटे के कफन की व्यवस्था कर लीजिए। इसके बाद जब अरविंद का शव मिला, तो उसके पास मौजूद ई-रिक्शा की चाबी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी वाला पर्स गायब था, जिससे परिजनों का संदेह यकीन में बदल गया।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा पीड़ित पिता कुंवर प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद 17 जून 2024 को ही शिवपुर थाने में लिखित सूचना दी थी। लेकिन पुलिस ने तब प्राथमिकी दर्ज नहीं की। न्याय न मिलने पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया। आखिरकार, अदालत के सख्त आदेश पर 1 नवंबर 2026 को पुलिस ने मामला दर्ज किया।
थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया-
” कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है। “



