चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ – प्रदीप साह

वाराणसी के पिंडरा विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को ई-कचरा प्रबंधन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को खराब मोबाइल, पुरानी बैटरी और बेकार चार्जर जैसे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कूड़े में फेंकना पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
मिट्टी और पानी को प्रदूषित करता है ई-कचरा
कम्पोजिट विद्यालय रमईपट्टी के राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक कमलेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अनुचित निस्तारण मिट्टी और पानी को प्रदूषित कर सकता है। इसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बच्चों को खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े से अलग रखने और उनके सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूक किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया उत्साह
अभियान के तहत विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और विषय से संबंधित सवालों के जवाब दिए। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को ई-कचरे के सही प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर मिला। शिक्षकों ने उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
पुनर्चक्रण अपनाने का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निस्तारण और पुनर्चक्रण के महत्व की जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि ई-कचरे को सामान्य कूड़े में मिलाने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत निस्तारित करना चाहिए। विद्यार्थियों ने स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त पर्यावरण बनाने में अपनी भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
कई कम्पोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चला अभियान
ई-कचरा प्रबंधन अभियान कम्पोजिट स्कूल नाथपुर, करखियाव, समोगरा, ओदार, हिवरनपुर मरुई और उच्च प्राथमिक विद्यालय बाबतपुर, फूलपुर, थानारामपुर, सिंधोरा व मंगारी सहित कई विद्यालयों में चलाया गया। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले नुकसान और उसके सुरक्षित निस्तारण के तरीके बताए गए।
प्राथमिक विद्यालयों में भी दी गई जानकारी
प्राथमिक विद्यालय चितईपुर, जमापुर, फूलपुर, पिंडरा, जाठी, करेमुआ, चकरमा और गरथमा समेत अन्य विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षकों ने बच्चों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही ई-कचरा प्रबंधन की समझ विकसित करना और उन्हें स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना रहा।



