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वोट चोर, गद्दी छोड़ महारैली में जाएंगे वाराणसी के कांग्रेसीः पूर्व मंत्री रघु शर्मा बोले-वोट चोरी से बनी सरकार, कार्यकर्ताओं संग की बैठक

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक ब्यूरो – राकेश वलेचा

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वाराणसी से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली में शामिल होंगे। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठाएगी। मंगलवार को महारैली के पर्यवेक्षक और राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद रघु शर्मा ने कार्यकर्ताओं से रैली को सफल बनाने की अपील की।

रघु शर्मा ने भाजपा पर वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बहाल करना जरूरी है।

‘वोट चोरी सिर्फ एक चुनाव का मुद्दा नहीं’

रघु शर्मा ने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा किसी एक चुनाव या राज्य तक सीमित नहीं है। यह देश के लोकतंत्र और जनता के मताधिकार से जुड़ा सवाल है। उन्होंने महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में मतदाताओं की संख्या में अचानक वृद्धि को लेकर कांग्रेस की चिंताओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी चुनावी प्रक्रिया और परिणामों को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शी तरीके से जवाब मिलना चाहिए, ताकि चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे।

चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण पर उठाए सवाल

रघु शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव, वर्ष 2023 के कानून और चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर देश में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

राहुल गांधी के नेतृत्व में संघर्ष का दावा

रघु शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष कर रहे हैं। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए लोगों को चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने वाराणसी के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर की महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। दावा किया कि बड़ी संख्या में कांग्रेसजन दिल्ली पहुंचकर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग उठाएंगे।

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