चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने के साथ ही घाटों पर बाढ़ के बाद पसरी गंदगी और अवशेषों की सफाई शुरू हो गई है। मंगलवार को अस्सी घाट पर नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर बाढ़ से जमा अवशेषों को बाहर निकाला। अभियान में युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर श्रमदान किया। इस दौरान लोगों को गंगा की स्वच्छता और बाढ़ के बाद सफाई के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
सिल्ट और अवशेष हटाने के लिए किया श्रमदान
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि बाढ़ के बाद गंगा की तलहटी और सतही जल में कई तरह की वस्तुएं और अवशेष जमा हो जाते हैं। इससे गंगाजल के प्रदूषित होने की आशंका रहती है। घाटों पर जमा सिल्ट और अन्य अवशेषों को समय से हटाना जरूरी है, ताकि घाट स्वच्छ रहें और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को परेशानी न हो।

संक्रमण रोकने में नागरिक सहभागिता अहम
राजेश शुक्ला ने कहा कि बाढ़ के बाद फैलने वाली गंदगी और संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन के साथ नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। स्वच्छता अभियान के दौरान राजेश शुक्ला के साथ सौरभ सिंह, शाश्वत मिश्रा, शिवानी सिंह, प्रेरणा जोशी और आदित्य सिंह ने श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने लोगों से गंगा और घाटों को स्वच्छ रखने में सहयोग की अपील भी की।




