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वाराणसी में सिपाही ने सरकारी ग्रुप में डाला इस्तीफाः लिखा – मुझमें विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं की 24 घंटे काम कर सकूं

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ – प्रदीप साह

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वाराणसी के रामनगर थाने के एक सिपाही ने थाने के ग्रुप में इस्तीफा डाला तो हड़कंप मच गया। इस इस्तीफे में सिपाही ने लिखा की ‘मुझमे विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं है की मै 24 घंटे काम कर सकूं।’ फिलहाल आला अधिकारियों को जब इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने फौरन थाना प्रभारी और सिपाही को तलब किया।

फिलहाल सिपाही की काउंसिलिंग करवाकर उसका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया है। बताया जा रहा है की सिपाही एक मरीज के साथ कई दिनों से ड्यूटी लगाए जाने से मानसिक तनाव में था।

ऑफिशियल ग्रुप में डाला लेटर

रामनगर थाने पर तैनात कांस्टेबल देवगन कुमार चौहान ने 7 सितंबर की शाम अपने थाने के ऑफिशियल ग्रुप में एक लेटर डाला तो हडकंप मच गया। यह लेटर स्वेच्छा से कार्यमुक्त किए जाने के संबंध में सीपी को लिखा गया था। जिसमें उसने खुद को कार्यमुक्त करने की मांग की थी। इस लेटर के पड़ने के बाद हड़कंप मच गया।

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लेटर में लिखा – मै विशिष्ट मानव नहीं

कांस्टेबल देवगन कुमार चौहान ने लेटर में लिखा है -महोदय आप से निवेदन है कि मै अभी इतना सक्षम नहीं हूं की 24X7 प्रत्येक दिन कार्य कर सकूं। चूंकि मुझमे किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं है। अतः मुझे कार्यमुक्त कर कृतार्थ करें।’ बताया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे एक मरीज के साथ लगातार ड्यूटी लगाए जाने से सिपाही मानसिक रूप से परेशान था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया।

सिपाही ने दीवान पर लगाया आरोप

सिपाही देवगन चौहान ने थाने के एक दीवान पर ड्यूटी लगाने में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दीवान द्वारा अपने चहेते आरक्षियों को आराम दिया जाता है, वही दूसरे आरक्षियों की दिन रात हर समय ड्यूटी लगाने का प्रयास किया जाता है।

सिपाही के इस्तीफे के पत्र ने न केवल उसके व्यक्तिगत तनाव को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि पुलिस बल में कार्य की अत्यधिक मांग और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे कितने गंभीर हो सकते हैं।

पुलिस विभाग ने रद्द की मांग, कराई काउंसिलिंग इस संबंध में एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया- 5 तारीख की रात में सिपाही ड्यूटी के बाद घर गया था। अगले दिन उसे फिर बताया गया कि मरीज के साथ उसे जाना है। वह घरेलू वजहों से भी परेशान चल रहा था। ऐसे में उसने यह इस्तीफा लिखा और ग्रुप में डाल दिया।

लेकिन फोन पर उसने बाद में बताया कि वह नौकरी करना चाहता है। फिलहाल देवगन कुमार चौहान ने यह लेटर डिलीट कर दिया है, लेकिन अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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