चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में शुक्रवार को ‘एआई ड्रिवन मीडिया इकोसिस्टम’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। इसमें पत्रकारिता, जनसंपर्क, विज्ञापन, डिजिटल मीडिया और संचार के बदलते स्वरूप पर देश-विदेश के विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने AI को नई संभावनाओं का वाहक बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है, लेकिन इसके साथ सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने अलग-अलग विषयों के विद्यार्थियों के लिए AI और संचार से जुड़े प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया।
AI के साथ तथ्य और भाषा पर जोर
प्रो. उपेंद्र अयोध्या ने विद्यार्थियों से शोध रिपोर्ट और आंकड़ों का गहन अध्ययन करने के साथ सूचनाओं के सत्यापन पर जोर दिया। प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि AI के दौर में विद्यार्थियों को तकनीक सीखने के साथ भाषा, अभिव्यक्ति और संचार कौशल भी मजबूत करना होगा।
प्रो. दुर्गेश त्रिपाठी ने AI के साथ काशी की संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को भी विमर्श का हिस्सा बनाने की बात कही। प्रो. संजीव भानावत ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की दूरदर्शी शैक्षणिक सोच को याद किया।
कार्यक्रम में फोटोग्राफी सत्र के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिए गए। संगोष्ठी के आगामी सत्रों में AI का पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क, डिजिटल मीडिया और संचार पर प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी। देश-विदेश के विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में अपने विचार रखेंगे।




