चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक रिपोर्टर – धनेश बदलानी

वाराणसी में तंत्र-मंत्र के बाद तबीयत बिगड़ने से नाराज परिजनों ने तांत्रिक की हत्या कर दी। आरोपियों ने शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया। पेचकस से पूरा शरीर गोद डाला। स्टूल, सिलेंडर और ईंट से शव को कूच दिया, ताकि पहचानना मुश्किल हो जाए।
तांत्रिक की आवाज घर से बाहर न जाने पाए, इसके लिए तेज आवाज में गाना बजा रहे थे। इसके बाद शव को कोलकाता-प्रयागराज हाईवे पर झाड़ियों में फेंक दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर जब लाश मिली तो पुलिस ने शिनाख्त कराई।
तांत्रिक की मां और पत्नी ने हाथ पर बने टैटू से लाश की शिनाख्त की। कॉल डिटेल से संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
शुक्रवार दोपहर 2 बजे 6 आरोपियों को जेल भेजने से पहले पुलिस उन्हें मीडिया के सामने लाई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परिवार में बीमारी और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए तांत्रिक से पूजा-पाठ कराया था, लेकिन समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ती चली गईं। इसी से नाराज होकर उन्होंने तांत्रिक की हत्या की थी।
अब पढ़िए पूरा मामला
लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में गोइठहां स्थित ओम नगर कॉलोनी निवासी अनीश उपाध्याय तांत्रिक था। 30 जून को कानपुर से दो लोग अनीश के घर आए और पूजा पाठ करने के लिए अपने साथ ले गए। इसके बाद अनीश वापस नहीं लौटे।
पत्नी प्रियंका उर्फ गुंजा ने अपने भाई की मदद से पति अनीश की काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 7 जुलाई को लालपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने खोजने की कोशिश नहीं की।
काफी दबाव बनाने पर पुलिस प्रियंका के भाई की कार से 25 जुलाई को कानपुर के नवाबगंज गई थी। लेकिन अनीश का कुछ पता नहीं चला।
परिजनों ने बताया कि 43 दिनों बाद 12 अगस्त को वाराणसी में लंका थाने से 3 किमी दूर कोलकाता-प्रयागराज हाईवे पर झाड़ियों में अनीश का सड़ा-गला शव मिला। बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस ने को सूचना दी थी।
पुलिस ने कॉल डिटेल से 6 आरोपी पकड़े
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो परतें खुलती चली गईं। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें सोनू, विशाल, विकास कुमार गौड़, साहिल गौड़, अभिषेक उर्फ रोहित कश्यप और मोहित कश्यप शामिल हैं। सोनू-विशाल और विकास मिर्जापुर में चुनार क्षेत्र के रहने वाले हैं। अभिषेक और मोहित कानपुर के नवाबगंज निवासी हैं। सोनू मुख्य आरोपी है। सभी आपस में दोस्त हैं।
अब पढ़िए आरोपियों को कबूलनामा…
मुख्य आरोपी सोनू ने बताया- परिवार में लंबे समय से आर्थिक तंगी और बीमारी की समस्या थी। ऊपरी साया होने आर्थिक तंगी और बीमारी की समस्या थी। ऊपरी साया होने के संदेह में उन्होंने तांत्रिक अनीश उपाध्याय से संपर्क किया। तांत्रिक ने चार-पांच दिन तक पूजा-पाठ कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इसी दौरान विकास गौड़ की तबीयत और बिगड़ गई, जिसका इलाज कानपुर में कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने तांत्रिक को अपनी परेशानियों का जिम्मेदार मानते हुए हत्या की योजना बना ली।
साया उतारने के बहाने बुलाया, फिर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपने साथी साहिल पर साया होने का बहाना बनाकर अनीश को मंडुवाडीह क्षेत्र के कंचनपुर स्थित किराये के मकान में बुलाया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने लकड़ी के स्टूल, गैस सिलेंडर और लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के दौरान शोर बाहर न जाए, इसके लिए कमरे में म्यूजिक सिस्टम पर तेज आवाज में गाने बजाए गए। वारदात के बाद आरोपियों ने खून के निशान साफ किए और दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर व बॉडी स्प्रे का इस्तेमाल किया।



