चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ : राकेश सदेजा

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय ने चोरी के केस में 23 साल बाद आरोपी को बरी कर दिया। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर चार्जशीट में लगाए गए आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत नहीं मिले। इस वजह से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय प्रताप ने आरोपी को बरी कर दिया।
अभियोजन के वकील ने बताया कि गंगाराम यादव ने 29 जून 2003 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी कि 28/29 जून 2003 को रात्रि लगभग 2.00 बजे भोर में उसके मकान में चहारदीवारी से एक व्यक्ति कूदकर उसके कमरे के पास आ गया तथा सामान की चोरी करने लगा।
जिस पर उसके कुत्ते के भौंकने की आवाज पर उसकी और उसके परिवार की नींद खुल गयी तो लोगों ने शोर मचाया तो मुहल्ले के बहुत से लोग आए और चोर को पकड़ लिया। चोर ने अपना नाम प्रकाश चन्द शर्मा उर्फ टिल्लू निवासी त्रिपुरा भैरवी थाना-दशाश्वमेघ बताया था।
हालांकि, अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से घटना साबित नहीं हुई। साक्षी की तहरीर व बयानों में विरोधाभास था। इस तरह से अभियुक्त प्रकाश चन्द शर्मा को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया।



